RBI Retail Direct Scheme: क्या है RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम और इसके फायदे? जानें विशेषज्ञों की राय

RBI Scheme Launch: RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम (RBI Retail Direct Scheme) से रिटेन निवेशक ऑनलाइन सरकारी बॉन्ड खरीद पाएंगे।

RBI Scheme Launch: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम (RBI Retail Direct Scheme) का शुभारंभ किया। यह योजना खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को ऑनलाइन सरकारी बॉन्ड (Government Bond) खरीदने और बेचने की अनुमति देती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फरवरी 2021 में इसकी घोषणा की थी। सरकारी बॉन्ड की खरीद और बिक्री के लिए पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

RBI की रीटेल डायरेक्ट स्कीम क्या है ?

RBI की रिटेल डायरेक्ट स्कीम का ऐलान 5 फरवरी 2021 में गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने किया था. शक्तिकांत दास ने इसे महत्‍वपूर्ण स्‍ट्रक्‍चरल सुधार बताया था. स्कीम से रीटेल निवेशकों की सरकारी सिक्योरिटीज मार्केट तक पहुंच आसान हो जाएगी. वहीं, रीटेल निवेशक अब मुफ्त में RBI में अपना सरकारी सिक्योरिटीज अकाउंट (रिटेल डायरेक्ट गिल्ट अकाउंट- RDG) खोल सकते हैं.

RBI Direct scheme

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शुक्रवार 12 नवंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिटेल डायरेक्ट स्कीम लॉन्च करेंगे. गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (Government Securities) में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाने के लिए इस स्कीम को लॉन्च किया जा रहा है. इसके बाद रीटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) को खरीदना आसान हो जाएगा. स्कीम के तहत रिटेल इन्वेस्टर्स को प्राइमेरी और सेकेंडरी दोनों गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट का ऑनलाइन एक्सेस मिलेगा. अभी तक इस तरह सिर्फ बैंक या संस्थागत निवेशक ही इसे एक्सेस कर पाते थे. 

Read >> Integrated Ombudsman Scheme

फ्री में खोल सकेंगे गिल्ट अकाउंट

RDG अकाउंट को ऑनलाइन खोला जा सकता है. इसका फॉर्म सबमिट करने के लिए आपको रजिस्टर्ड फोन नंबर और ईमेल आईडी पर आए OTP को दर्ज करना होगा. स्कीम के तहत रिटेल इन्वेस्टर मुफ्त में RBI के साथ अपना गवर्नमेंट सिक्योरिटीज अकाउंट (गिल्ट अकाउंट) ओपन और मेंटेन कर सकेंगे. जुलाई में RBI ने ऐलान किया था कि इन्वेस्टर्स के पास प्राइमेरी ऑक्शन में बोली लगाने का एक्सेस होगा. साथ ही गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के लिए सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का एक्सेस भी इन्वेस्टर्स को मिलेगा.

2005 में लॉन्च किया गया था NDS-OM

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के इस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को नेगोसिएटेड डीलिंग सिस्टम ऑर्डर मैचिंग (NDS-OM) कहते हैं. इसके जरिए सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग होती है. 2005 में इसे लॉन्च किया गया था. इस सिस्टम को सेकेंडरी मार्केट ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजाइन किया गया है.

सरकारी सिक्योरिटीज होती क्या हैं?

सरकारी सिक्योरिटीज या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज को सरकार की तरफ से जारी किया जाता है. इन्हें G-Sec भी कहते हैं. RBI के मुताबिक, सरकारी सिक्योरिटी, केंद्र सरकार या राज्य सरकारें जारी करती हैं और इसमें ट्रेडिंग की जाती है. फंड जुटाने के लिए इन्हें जारी किया जाता है. ट्रेजरी बिल और डेट सिक्टोरिटी के रूप में इन्हें जारी किया जाता है. ट्रेजरी बिल 91 दिनों, 182 दिनों और 364 दिनों के लिए जारी किए जाते हैं. वहीं, डेट सिक्योरिटी 5 से 40 सालों तक के लिए जारी किए जाते हैं.

कौन खोल सकता है आरडीजी खाता (RDG account)?

आरबीआई द्वारा 12 जुलाई, 2021 को जारी अधिसूचना के अनुसार, खुदरा निवेशक आरडीजी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित चीजें अनिवार्य हैं-

  • बचत बैंक
  • आयकर विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड
  • KYC के लिए कोई भी आधिकारिक वैध दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि
  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नंबर

ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?

निवेशक ऑनलाइन फॉर्म भरकर ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आपको पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर प्राप्त ओटीपी का इस्तेमाल करना होगा। पंजीकरण होने पर, ‘रिटेल डायरेक्ट गिल्ट अकाउंट’ खोला जाएगा और ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंचने के लिए SMS या ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

FAQ

क्या सरकारी सिक्योरिटी टैक्स फ्री हैं?

बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह, सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs) टैक्स फ्री नहीं हैं. हालांकि, ऐसा नहीं है कि इसमें जोखिम नहीं है. सरकारी सिक्योरिटीज ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के अधीन हैं.

सरकारी सिक्योरिटीज कैसे जारी की जाती है?

ये सिक्योरिटीज RBI द्वारा आयोजित नीलामी के जरिये जारी होती हैं. नीलामी RBI के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जाती है. कॉमर्शियल बैंक, बीमा कंपनियां आदि इस प्लेटफॉर्म के सदस्य हैं. ई-कुबेर के सभी सदस्य इसके जरिये नीलामी में अपनी बोली लगा सकते हैं.

क्या होती है सरकारी सिक्योरिटीज?

Upar Article me detail me aap padh salkte hain .

सवाल: कौन-कौन से लोग ले सकते हैं फायदा?

जवाब: इस योजना का फायदा हर कोई उठा सकता है। इस योजना के लिए कोई कैटेगिरी डिसाइड नहीं की है। पहले इस स्कीम में बैंक और संस्थागत निवेशक ही शामिल हो सकते हैं। इस स्कीम को लाने का मकसद ही यही है कि रिटेल इंवेस्टर्स की संख्या में इजाफा किया जा सके।

सवाल: कहां किया जा सकता है निवेश?

जवाब: सरकारी बांड एवं सिक्योरिटीज या किसी भी योजना में निवेश करना बिल्कुल भी जोखिम भरा नहीं होता है। अगर होता भी है तो वो ना के बराबर होता है। अगर बात आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम की करें तो यहां पर निवेशक प्राइमरी और सेकंडरी दोनों तरह की सिक्योरिटीज में निवेश करने का मौका मिलेगा।

सवाल: क्या निवेश के लिए अकाउंट ओपन पर कोई चार्ज लगेगा?

जवाब: नहीं, इस स्कीम में रिटेल इन्वेस्टर फ्री में आरबीआई के साथ खुद का गवर्नमेंट सिक्योरिटीज अकाउंट यानी गिल्ट अकाउंट ओपन करने के साथ मेंटेन भी कर पाएंगे।  निवेशक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गिल्ट अकाउंट को खुलवा पाएंगे वो भी बिल्कुल मुफ्त

सवाल: किन-किन चीजों का मिलेगा एक्सेस?

जवाब: खास बात ये है कि इसमें निवेशक को प्राइमरी ऑक्शन में बिड करने का एक्सेस होने के साथ साथ गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के लिए सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का एक्सेस भी दिया जाएगा। ताकि उन्हें ट्रेडिंग करने में आसानी हो सके।

ग्रामीण और कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

सहयोग करें

आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:


  • Paytm: 9650438558
  • UPI: 9650438558@paytm

Leave a Comment