कृषोन्‍नति योजना | Krishonnati Yojana

Krishonnati Yojana कैबिनेट कमिटी ऑन इकनोमिक अफेयर्स (CCEA) ने किसानों के लिए अम्ब्रेला स्कीम के तहत हरित क्रांति कृषोन्नति योजना एप्रूव  की हैं. अब ये स्कीम  2017-18 से 2018-19 की अवधि से लेकर 12 वर्ष से ऊपर तक के लिए लगातार चलती रहेगी.  इस मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी जिन्होंने केंद्र सरकार के साथ 33,269.976 करोड़ रूपये के शेयर के साथ योजना को एप्रूव किया हैं.  Krishonnati Yojana के अंतर्गत 11 योजनाए और मिशन आते हैं.इसका प्राथमिक उद्देश्य पूरे कृषि और इससे सम्बन्धित क्षेत्रो का समग्र विकास करना हैं. यह अम्ब्रेला स्कीम किसानों के भले के लिए हैं और इसका पहला कदम “2022 तक किसानों की आय को दुगुना करना हैं”.

Krishonnati Yojana

केंद्र सरकार किसानों की आय के साथ उताप्द,उत्पादक क्षमता और बेहतर रिटर्न्स में वृद्धि के लिए वैज्ञानिक तरीकों पर भी  फोकस करेगी. सरकार इस योजना के लिए  2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के लगातार 3 वित्तीय-वर्ष के लिए कुल 33,269.976 करोड़ का खर्च भी ज़ारी रखेगी.

कृषोन्‍नति योजना

कृषोन्नति योजना – हरित क्रांति की विशेषताएं , Krishonnati Yojana 20202 – Green Revolution Features

इस योजना को विशेष तौर पर कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बनाया गया हैं. 11 विभिन्न योजनाओं से बनी हैं हरित-क्रांति योजना-2018,जो की निम्लिखित हैं.

  1. एकीकृत बागवानी विकास मिशन (Mission for Integrated Development of Horticulture – MIDH)
  2. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (National Food Security Mission -NFSM) [राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन (NMOOP : National Mission on Oilseeds and Oil Palm) सहित]
  3. राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन (National Mission for Sustainable Agriculture – NMSA)
  4. कृषि विस्तार पर उप-मिशन (Sub-Mission on Agricultural Extension – SMAE)
  5. बीज और रोपण सामग्री पर उप-मिशन (Sub-Mission for Seed and Planting Material – SMSP)
  6. कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (Sub-Mission on Agricultural Mechanisation – SMAM)
  7. पौध संरक्षण और पौधों के अलगाव पर उप-मिशन (Sub-Mission on Plant Protection and Plan Quarantine – SMPPQ)
  8. कृषि जनगणना, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी पर एकीकृत योजना (Integrated Scheme on Agriculture Census, Economics and Statistics – ISACES)
  9. कृषि सहयोग पर एकीकृत योजना (Integrated Scheme on Agricultural Cooperation – ISAC)
  10. कृषि विपणन पर एकीकृत योजना (Integrated Scheme on Agricultural Marketing – ISAM)
  11. राष्ट्रीय ई-शासन योजना (National e-Governance Plan – NeGP-A)

ऊपर दी गयी योजनाएं उपयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने के लिए,प्रोडक्शन कॉस्ट को घटाने के लिए और कृषि उत्पादों को बढाने के लिए बनाई गयी हैं.केंद्र सरकार पहले से  ही इन सभी योजनाओं को काफी सालों से चला रही थी. 2017-18 में सरकार ने इन सभी योजनाओं को एक साथ करने का फैसला किया हैं  जो कि हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना हैं.

CCEA की मीटिंग (2 मई 202022) में हुए अन्य निर्णय Other Decisions in CCEA Meeting (2 may 202022)

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन-विकास कार्यक्रम को लांच किया. मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम को पुन: बनाया.

CCEA ने ये भी एप्रूव किया कि लोगों को अच्छी हेल्थ केयर के लिए 2020 तक के वित्तीय वर्ष के लिए प्रधानमन्त्री स्वास्थ सुरक्षा योजना को ज़ारी रखा जाएगा. इसमें नए एम्स के निर्माण और सरकारी मेडिकल कॉलेज के विकास के मुद्दे भी शामिल होंगे. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए इन्वेस्टमेंट लिमिट को प्रधानमंत्री वाया वन्दन योजना (PMVVY) के अंतर्गत 7.5 लाख से 15 लाख तक दुगुना भी कर दिया हैं और अब PMVVY 2018 स्कीम को 4 मई 2018 से 31 मार्च 2020 तक बढ़ा भी दिया हैं. इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से उपर के नागरिकों को 10,000 तक की महीने की पेंशन दी जाएगी.

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