इंटीग्रेटेड ओमबड्समैन स्कीम । Integrated Ombudsman Scheme

Integrated Ombudsman Scheme ।  Retail Direct Scheme

अब एक ही जगह पर सभी समस्या का समाधान होगा बैंक, NBFC और पेमेंट से जुड़ी परेशानी का समाधान,एक नंबर पर सभी बैंकों से जुड़ी की जा सकेंगी शिकायतें, जानें- क्या है RBI की एकीकृत लोकपाल स्कीम ?

यदि आपको बैंक या एनबीएफसी से शिकायत है या फिर किसी पेमेंट गेटवे से परेशानी है, तो अब आपको अलग अलग एजेंसियों में शिकायत करने की कोई जरूरत नहीं है। अब आप एक ही स्थान पर आरबीआई से मान्यता प्राप्त विभिन्न एजेंसियों की शिकायत कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रिजर्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना का शुभारंभ किया है। 

पीएम मोदी ने इस स्कीम का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत बैंकिंग प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्कीम एक राष्‍ट्र-एक लोकपाल की अवधारणा को साकार करेगी। Integrated Ombudsman Scheme का उद्देश्य शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और सुधार लाना है ताकि संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक नियम बना सके। 

क्या है एकीकृत लोकपाल योजना Integrated Ombudsman Scheme

वैसे, हर बैंक में शिकायत का अपना अलग नंबर और सिस्टम है। पर फिलहाल राज्यों के आधार पर लोकपाल हैं, मगर वह प्रक्रिया थोड़ी लंबी मानी जाती है।

एकीकृत लोकपाल योजना आरबीआई द्वारा विनियमित संस्‍थाओं के खिलाफ शिकायतों के लिए एक एकीकृत योजना है। इससे बैंकों से जुड़ी ग्राहकों की सभी शिकायतों को एक ही प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा। इसके साथ ही शिकायत के स्टेट्स को भी ट्रैक करना भी काफी आसान होगा। फाइनेंशियल और बैकिंग संस्थानों के कस्टमर्स एकीकृत लोकपाल योजना के जरिए लोकपाल को एक ई-मेल आईडी और नंबर की मदद से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

अब शिकायतों का निवारण कैसे किया जाता है

बैंकिंग लोकपाल योजना (बीओएस) 1995 में शुरू की गई थी। इसमें पांच संशोधन हुए हैं और 2018 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (ओएसएनबीएफसी) के लिए लोकपाल योजना और 2019 में डिजिटल लेनदेन के लिए लोकपाल योजना (ओएसडीटी) के शुभारंभ का आधार भी है। वर्तमान एकीकृत योजना आरबीआई द्वारा लोकपाल योजनाओं की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार की गई थी।

Read about >>rbi retail direct scheme Hindi

एकीकृत लोकपाल योजना का उद्देश्य

शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और सुधार लाना है ताकि संस्थाओं के खिलाफ ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक नियम बना सके।

अब ग्राहक सिर्फ एक पोर्टल, एक ईमेल और एक पते के साथ अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। अब ग्राहक एक ही पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे, दस्‍तावेज जमा कर सकेंगे, स्‍टेट्स ट्रैक कर सकेंगे और फीडबैक भी दे सकेंगे। आरबीआई द्वारा शिकायत दर्ज करने और शिकायत निवारण पर जानकारी में सहायता के लिए बहुभाषी टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। 

एक ही जगह पर सभी समस्या का समाधान 

अब ग्राहक सिर्फ एक पोर्टल, एक ईमेल और एक पते के साथ अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। अब ग्राहक एक ही पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे, दस्‍तावेज जमा कर सकेंगे, स्‍टेट्स ट्रैक कर सकेंगे और फीडबैक भी दे सकेंगे। आरबीआई द्वारा शिकायत दर्ज करने और शिकायत निवारण पर जानकारी में सहायता के लिए बहुभाषी टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। 

Read >> RBI Retail Direct Scheme

कैसे काम करेगी यह योजना?

  1. योजना का केंद्रीय विषय ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ पर आधारित है।
  2. इसमें ग्राहकों के लिए अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए एक पोर्टल, एक ईमेल और एक पता होगा
  3. ग्राहकों के लिए अपनी शिकायत दर्ज करने, दस्तावेज जमा करने, स्थिति ट्रैक करने और प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए एक ही संदर्भ बिंदु होगा।
  4. एक बहुभाषी टोल-फ्री नंबर शिकायत निवारण और सहायता के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी प्रदान करेगा।

इंटीग्रेटेड ओमबड्समैन स्कीम से क्या होगा फायदा

इंटीग्रेटेड ओमबड्समैन स्कीम (Integrated Ombudsman Scheme) के जरिए ग्राहकों के शिकायतों के निवारण में आसानी होगी. आरबीआई द्वारा रेग्युलेटेड वित्तीय संस्थानों जिसमें बैंक, पेमेंट बैंक शामिल हैं. वित्तीय संस्थानों की मनमानी के खिलाफ ग्राहक इंटीग्रेटेड ओमबड्समैन स्कीम के जरिए आरबीआई के पास शिकायत कर सकेंगे. वन नेशन-वन ओमबड्समैन (One Nation-One Ombudsman) यानी ‘एक देश, एक लोकपाल’ के मुख्य थीम के साथ इसे शुरू किया गया है.

One nation one ombudsman Benefits

इसके तहत एक पोर्टल पर एक ईमेल आईडी और एक पते के जरिए ग्राहक आरबीआई के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. ये सिंगल प्वाइंट होगा, जहां ग्राहक शिकायत करेंगे, कागजात जमा कर सकेंगे और साथ ही अपने शिकायत का स्टेट्स  भी चेक कर सकेंगे. इसके अलावा ग्राहक टोल फ्री नंबर पर फोन कर अपनी भाषा में शिकायत दर्ज कराने और निवारण के लिए मदद ले सकेंगे.

आकार ले चुका एक राष्ट्र, एक लोकपाल: पीएम

पीएम मोदी ने कहा, ‘एकीकृत लोकपाल योजना के तहत ‘एक राष्ट्र, एक लोकपाल’ आकार ले चुका है. यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक ग्राहक निवारण परेशानी मुक्त और समयबद्ध तरीके से होगा. आज, जब देश डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रहा है, प्रत्येक निवेशक की भागीदारी महत्वपूर्ण होने जा रही है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अभी तक गर्वमेंट सिक्यूरिटी मार्केट में हमारे मध्यम वर्ग, कर्मचारी, छोटे व्यापारी, वरिष्ठ नागरिकों को सिक्योरिटीज में निवेश के लिए बैंक इंश्योरेंश या म्यूचल फंड जैसे रास्ते अपनाने पड़ते थे. अब उन्हें सुरक्षित निवेश का एक और बेहतर विकल्प मिल रहा है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम के तहत किसी फंड मैनेजर की जरूरत नहीं होगी. एक खुदरा प्रत्यक्ष गिल्ड खाता ऑनलाइन खोला जा सकता है और प्रतिभूतियों को ऑनलाइन खरीदा / बेचा जा सकता है. वेतनभोगी लोगों/पेंशनभोगियों के लिए सुरक्षित निवेश का यह एक बड़ा अवसर है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बीते 7 सालों में, NPAs को पारदर्शिता के साथ Recognize किया गया. Resolution और recovery पर ध्यान दिया गया. पब्लिक सेक्टर बैंकों को Recapitalize किया गया. फाइनेंशियल सिस्टम और पब्लिक सेक्टर बैंकों में एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए गए. बैंकिंग सेक्टर को और मजबूत करने के लिए को-ऑपरेटिव बैंकों को भी आईपीआई के दायरे में लाया गया. इससे इन बैंकों की गवर्नेंस में भी सुधार आ रहा है और जो लाखों जमाकर्ता हैं, उनके भीतर भी इस सिस्टम के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है.’

2.5 करोड़ किसानों के मिले KCC कार्ड: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘कोविड में ही सरकार द्वारा छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने के लिए विशेष मुहिम चलाई, जिससे 2.5 करोड़ से अधिक किसानों को KCC कार्ड भी मिले और लगभग 2.75 लाख करोड़ का कृषि ऋण भी मिला. पीएम स्वनिधि योजना से करीब 26 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण मिल चुका है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘सिर्फ 7 सालों में भारत ने डिजिटल ट्रांजेक्शंस के मामले में 19 गुणा की छलांग लगाई है. आज 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने देश में कभी भी, कहीं भी हमारा बैंकिंग सिस्टम चालू रहता है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमें देश की, देश के नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखना ही होगा, निवेशकों के भरोसे को निरंतर मजबूत करते रहना होगा. मुझे पूरा विश्वास है कि एक संवेदनशील और इन्वेस्टर फ्रेंडली डेस्टीनेशन के रूप में भारत की नई पहचान को आरबीआई (RBI) निरंतर सशक्त करता रहेगा.

आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम (RBI Retail Direct Scheme) और एकीकृत लोकपाल योजना (Integrated Ombudsman Scheme) का लाभ काफी आसानी से उठाया जा सकता है। आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम में आपको सभी तरह के एक्सेस फ्री में दिए जाएंगे।

FAQ एकीकृत लोकपाल योजना

सवाल: एकीकृत लोकपाल योजना लाने का क्या है मकसद?

जवाब: आरबीआई के अनुसार इस योजना को लाने का मुख्य मकसद एक राष्ट्र एक लोकपाल का है। साथ ही अलग-अलग बैंकिंग से जुड़े लोकपालों को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आना है, ताकि शिकायतकर्ता को आसानी हो सके।

सवाल: किन संस्थाओं पर नकेल कसेगा यह लोकपाल?

जवाब: वास्तव में आरबीआई के अंडर में आने वाली सभी संस्थाओं या यूं कहें कि एंटिटीज पर इस लोकपाल की नजर रहेगी। फिर चाहे वो बैंक से जुड़े हों, या फिर नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों से। यूपीआई पेमेंट की सुविधा देने वाली भी इसमें शामिल होंगी। अभी तक इन तीनों के लिए अलग-अलग लोकपाल हैं।

सवाल: क्या कोई कहीं भी कर सकेगा शिकायत?

जवाब: इस योजना की सबसे खास बात यही है कि कोई भी कहीं से भी शिकायत कर सकता है। अभी तक किसी कोई भी लोकपाल दूसरे लोकपाल की शिकायत को नहीं देख सकता था। नई व्यवस्था में कोई लोकपाल किसी की भी शिकायत को देख सकता है। साथ शिकायतकर्ता के पास अधिकार होगा कि वो किस लोकपाल को चुनना चाहता है।

सवाल: एक ही प्लेटफॉर्म पर किस तरह की मिलेगी सुविधाएं?

जवाब: नई व्यवस्था के तहत किसी भी तरीके का शिकायतकर्ता हो एक ही पोर्टल होगा। एक ही ईमेल आईडी भी जारी किया जाएगा। जिसमें सभी तरह की शिकायतें आ सकेंगी। शिकायतकर्ता को ज्यादा ईमेल आईडी याद रखने की जरुरत नहीं होगी। अगर आप पत्र व्यवहार के माध्यम से शिकायत करना चाहते हैं, तो आप एक ही अड्रेस पत्र व्यवहार कर सकेंगे।

सवाल: ई-इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम kab shuru ki jayegi ?

RBI जून 2021 तक ला सकता है ई-इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम


Leave a Comment