Farmer Success Story , इस शख्स को मिला राष्ट्रिय कृषि पुरुस्कार, खेती से हर वर्ष कमाते है लाखों रुपये

Agriculture Farmer Success Story इस शख्स को मिला राष्ट्रिय कृषि पुरुस्कार, खेती से हर वर्ष कमाते है लाखों रुपये : आज हम जिस शख्स के बारे में बात करने जा रहे है जो हर साल लाखों रुपये का लाभ प्राप्त करता है खेती करके ! इस शख्स की कहानी है बड़ी दिलचस्प आप भी सुनकर नौकरी छोड़ खेती करने लगोगे ! तो आइये जानते है इस शख्स के बारे में जिन्होंने प्राप्त किया राष्ट्रिय कृषि पुरुस्कार !

karan singh thakur farming Success Story

इस शख्स को मिला राष्ट्रिय कृषि पुरुस्कार, खेती से हर वर्ष कमाते है लाखों रुपयेआज हम बात कर रहे है नवयुवा किसान के बारे में जिनका नाम कर्ण सिंह ठाकुर है जोकि हिमाचल प्रदेश के सोनल जिले के धारो की धार गांव से है ! जिन्होंने स्वरोजगार का मार्ग चुनकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है ! डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्ययालय नौणी से फल विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन कर्ण सिंह ठाकुर ने राष्ट्रिय स्तर पर कृषि पुरुस्कार को प्राप्त किया है !

ऐसे मिला राष्ट्रिय कृषि पुरुस्कार

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (ICAR) के 92 वें स्थापना दिवस समारोह पर उन्हें सम्मानित किया गया ! उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय कृषि पुरुस्कार (क्षेत्रीय) के लिए चुना गया ! कर्ण ने अपनी सफलता के लिए विश्वविघायलय और कृषि विज्ञान केंद्र सोनल को धन्यवाद दिया ! विश्वविद्ययालय नौणी के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल ने कर्ण सिंह ठाकुर बधाई दी ! कर्ण सिंह ठाकुर को 25 हजार रुपये का नकद पुरुस्कार भी प्रदान किया गया !

खेती से हर वर्ष कमाते है लाखों रुपये

Indian Council of Agriculture Research (ICAR) के स्थापना दिवस के दौरान 20 अलग अलग श्रेणियों में 161 पुरुस्कार वितरण किये गए ! ये पुरुस्कार को तीन संस्थाओं दो अखिल भारतीय समन्विय अनुसंधान परियोजना एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, किसानों, पत्रकार, भारतीय कृषि अनुसंधान के कर्मचारी वर्गों के उनके द्वारा किये गए उत्कृस्ट कार्यों के लिए प्रदान किये गए !किसानों को जिसमे से चार श्रेणियों के अंतर्गत पुरुस्कार प्रदान किये गए ! जिसमे कि एक विश्वविद्ययालय नौणी के कर्ण सिंह भी है !

पढ़ाई के बाद शुरू किया खेती का कार्य

कर्ण सिंह ठाकुर ने विश्वविद्ययालय नौणी से अपनी पढ़ाई के बाद ही उन्होंने स्वयं ही स्वरोजगार के मार्ग को चुन लिया ! साल 2012 – 2013 में उन्होंने 100 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में पुष्प उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया ! आज के समय में वह 3000 वर्ग मीटर में कारनेशन की खेती करते है ! जिसके माध्यम से वह सालाना लाखो रुपये की कमाई करते है !

कर्ण पुष्प उत्पादन की खेती के साथ साथ फल दार पौधे जैसे – सेब, खुमानी, प्लम, आड़ू, कीवी फल आदि के पोधो की भी नर्सरी तैयार करते है ! नर्सरी के उत्पादन से उन्हें अच्छा लाभ होता है इस स्वरोजगार से वह हर साल 13 – 15 लाख रुपये आय प्राप्त करते है ! इतना ही नहीं इस खेती में माध्यम से वह स्थानीय लोगो को रोजगार भी प्रदान करते है !

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