E-NAM Yojna : Kisan registration , Mandi List , enam.gov.in

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E-NAM yojna : घर बैठे 585 मंडियों में बेच सकते हैं अपना सामान, योजना से जुड़े 1.65 करोड़ किसान , राष्ट्रीय कृषि बाजार (National Agriculture Market )

E-NAM Yojna क्या है? ,What is e-nam scheme in Hindi

e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) कृषि उत्पादों के लिए एक ऑनलाइन वाणिज्य मंच है जिसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और क्रेताओं को ऑनलाइन वाणिज्य सुविधा प्रदान करना और बाजार की ऐसी सुचारू व्यवस्था देना है जिसमें कृषि उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिल सकें.

e-NAM Yojna 2021 का अनावरण भारत सरकार ने 2015 में किया था और क्रमबद्ध रूप से विस्तार होते-होते दिसम्बर 31, 2019 तक इसका विस्तार देश की 585 मंडियों तक हो गया.

नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए शुरू की ऑनलाइन मंडी हिट हो गई है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक देश के करीब पौने दो करोड़ किसान (1,65,73,893) इस मंडी से जुड़ चुके हैं. इसका नाम राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना (E-NAM ) है. आपको बता दें कि साल 2017 तक ई-मंडी से सिर्फ 17 हजार किसान ही जुड़े थे. ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल है. जो पूरे भारत में मौजूद एग्री प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोड़ने का काम करती है. इसका मकसद एग्रीकल्चर प्रोडक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बाजार उपलब्ध करवाना है. इससे फायदे को देखते हुए किसान तेजी से इसके साथ जुड़ रहे हैं. नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट के जरिए कृषि उत्‍पादों का अधिक दाम मिलेगा तो 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी भी हो जाएगी.

इंटरनेट से जोड़ी गई हैं देश की 585 मंडियां-ई-नाम के तहत देश के विभिन्‍न राज्‍यों में स्थित कृषि उपज मंडी को इंटरनेट के जरिए जोड़ा गया है. इसका टारगेट यह है कि पूरा देश एक मंडी क्षेत्र बने. अगर गोरखपुर का कोई किसान अपनी उपज बिहार में बेचना चाहता है तो कृषि उपज को लाने-ले जाने और मार्केटिंग करना आसान हो गया है. E-nam सबसे सफल सरकारी योजनाओ में से एक है .

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E-NAM Yojna के लाभ ( What are the objectives of e-Nam? )

  • इससे किसानों को कृषि उत्पादों की विक्री के लिए एक से अधिक विकल्प मिल जाते हैं.
  • किसान की पहुँच सीधे गोदाम तक हो जाती है जिससे उसे मंडी तक उत्पाद पहुँचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती है.
  • मंडी और बाजार के स्थानीय व्यापारियों को e-NAM के माध्यम से द्वितीयक वाणिज्य (secondary trading) के लिए एक अधिक बड़े राष्ट्रीय बाजार तक पहुँच प्राप्त हो जाती है.
  • e-NAM मंच के माध्यम से थोक विक्रेताओं, प्रसंस्कर्ताओं, निर्यातकों आदि को स्थानीय मंडी/बाजार में प्रत्यक्ष प्रतिभागिता करने का अवसर मिल जाता है जिस कारण बिचौलियों का खर्च घट जाता है.
  • भविष्य में धीरे-धीरे NAM के अन्दर पूरे देश की सभी बड़ी मंडियाँ आ जाएंगी जिसके फलस्वरूप लाइसेंस देने, शुल्क लगाने और उत्पादों को इधर-उधर ले जाने की प्रक्रियाएँ समरूप हो जाएँगी.
  • NAM से प्रमुख कृषि वस्तुओं के लिए एक वैल्यू चैन देश-भर में उभर कर सामने आ सकता है और साथ ही वैज्ञानिक ढंग से वस्तुओं के भंडारण और परिवहन को बढ़ावा भी मिल सकता है.

E-NAM आवश्यक क्यों है?

  1. वर्तमान में देश कई बाजार क्षेत्रों में बंटा हुआ है.
  2. कृषि विपणन से सम्बंधित अवसंरचनाओं की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और तकनीक का प्रयोग भी कम होता है.
  3. पारम्परिक मंडी प्रणाली में किसानों को अपनी फसल के लिए बहुत कम दाम मिल पाता है क्योंकि उनको बाजार में कई बिचौलियों से होकर पहुंचना पड़ता है. इससे उत्पाद की लागत बढ़ जाती है.
  4. वर्तमान प्रणाली में किसान को अनेक प्रकार के करों, लेवियों और लाइसेंसों की समस्या से दो-चार होना पड़ता है.

कृषि उत्पादों के लिए बेहतर warehouse subsidy scheme 2022

FAQ:

What is National Agriculture Market Scheme?

e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) कृषि उत्पादों के लिए एक ऑनलाइन वाणिज्य मंच है जिसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और क्रेताओं को ऑनलाइन वाणिज्य सुविधा प्रदान करना और बाजार की ऐसी सुचारू व्यवस्था देना है जिसमें कृषि उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिल सकें.

How do you buy from e-Nam?

Visit Enam Website https://www.enam.gov.in/web/

Official website of Enam Scheme

Official Website https://www.enam.gov.in/web/

What is enam Helpline Number

Help Line Number  1800 270 0224

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