नाबार्ड योजना क्या है ? What is NABARD

‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ और ‘आत्म निर्भर भारत योजना’ के तहत नाबार्ड (NABARD) किसानों के लिए 30,000 करोड़ रु. की इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल और वित्तपोषण समर्थन बढ़ाया गया है। यह राशि इस वित्तीय वर्ष में सामान्य रि-फाइनेंस तरीके के माध्यम से नाबार्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली 90,000 करोड़ रु. से अलग होगी।

  • ग्रामीण सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक लोन देने के लिए मुख्य साधन होंगे
  • इसका उद्देश्य पूरे भारत में लगभग 3 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाना
  • मई / जून में फसल कटाई (रबी) और वर्तमान खरीफ आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मदद करेगा

नाबार्ड योजना क्या है?

नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) भारत में एक विकास वित्तीय संस्था है जो कृषि और ग्रामीण संबंधित उपक्रमों के लोन प्रोजेक्ट, नीति और संचालन के लिए लोन प्रदान करता है। नाबार्ड ( NABARD) कृषि संबंधी गतिविधियों और ग्रामीण विकास के लिए लोन प्रदान करता है। संस्था का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों का विकास है। नाबार्ड के लगभग तीन मुख्य सेक्टरो में कार्य करता है जिनमें फाइनेंस, विकास और निरीक्षण शामिल है.

नाबार्ड (NABARD) द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बैंकों और NBFC को प्रदान किये जाने वाले लोन की ब्याज दरें निम्नलिखित हैं:

नाबार्ड ब्याज दर 2021
शार्ट-टर्म री-फाइनेंस सहायता4.50% से शुरू
लॉंग-टर्म री-फाइनेंस सहायता8.50% से शुरू
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक /STCB / राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक8.35% से शुरू
PUCB9.20% से शुरू
NBFC9.60% से शुरू

नोटः ऊपर दी गई ब्याज दरें नाबार्ड और RBI के विवेक पर निर्भर करती हैं। शुल्क पर GST और सर्विस टैक्स भी लगाया जाएगा।

नाबार्ड (NABARD) कुटीर उद्योगों, ग्रामीण परियोजनाओं, ग्राम परियोजनाओं, छोटे उद्योगों आदि के विकास के लिए भी ज़िम्मेदार है। आइए नाबार्ड की विशेषताओँ और योजनाओं पर चर्चा करें:

नाबार्ड के कार्य/काम

  • यह ग्रामीण भारत के सुधार और विकास के लिए वित्तीय सेवाएं प्रदान करता
  • कृषि और खेती की गतिविधियों के लिए फंड प्रोग्राम का आयोजन और मैनेजमेंट करता है
  • ग्रामीण वित्तीय संस्थानों के लिए पॉलिसी बनाता है
  • नाबार्ड (NABARD) नामित फूड पार्क में फूड और खाद्य प्रोसेसिंग यूनिट के विकास के लिए वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है
  • नाबार्ड गोदाम और कोल्ड चेन और कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को लोन सेवाएं प्रदान करता है
  • यह अपने ग्राहकों को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म फाइनेंस सेवाएँ प्रदान करता है और सहकारी बैंकों को डारेक्ट रि-फाइनेंस सेवाएँ भी प्रदान करता है
  • यह मार्केटिंग फेडरेशन को लोन सुविधाएं प्रदान करता है
  • दीर्घकालिक सिंचाई और रुरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की विशेष रुप से मदद करता है।

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नाबार्ड योजना (NABARD) की विशेषताएं

  • री-फाइनेंस द्वारा सहायता प्रदान करना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण
  • ज़िला स्तर पर क्रेडिट योजना तैयार करना
  • अपने क्रेडिट लक्ष्यों को प्राप्त करने में बैंकिंग सेक्टर का मार्गदर्शन करना
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों(RRB) और सहकारी बैंकों का निरीक्षण करना
  • ग्रामीण विकास के लिए नई परियोजनाएं तैयार करना
  • सरकार की विकास योजनाओं को लागू करना
  • हस्तकला कारीगरों को ट्रेन करना

नाबार्ड योजना के अंतर्गत लोन और फंड्स

1. री-फाइनेंस – शार्ट-टर्म लोन

फसल उत्पादन के उद्देश्य से किसानों को विभिन्न फाइनेंस संस्थानों द्वारा शार्ट-टर्म लोन या फसल लोन दिए जाते हैं। इस लोन को प्रदान करके, कोई भी देश में खाद्य सुरक्षा के बारे में आश्वासन दे सकता है। वर्ष 2017-18 में नाबार्ड (NABARD) ने अनेक फाइनेंस संस्थानों को मौसमी कृषि कार्यों के लिए, 55,000 करोड़ रु. राशि का शार्ट-टर्म लोन दिया है।

2. लॉंग-टर्म लोन

कृषि और गैर-कृषि संबंधी कार्यों के लिए फाइनेंस संस्थानों को लॉन्ग-टर्म लोन प्रदान किए जाते हैं। लॉन्ग-टर्म लोन की अवधि 18 महीनों से अधिकतम 5 वर्ष तक है। नाबार्ड (NABARD) ने वर्ष 2017-18 में फाइनेंस संस्थानों को 65,240 करोड़ रु. के लोन दिये थे, इसमें कॉर्पोरेट बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को 15,000 करोड़ रु. का लोन भी शामिल है।

3. रुरल इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (RIDF)

इस फंड का फोकस भारत में ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास है, और वर्ष 2017-18 में इसके लिए दी गई राशि 24,993 करोड़ रु. थी।

4. लॉन्ग-टर्म इरिगेशन फंड (LTIF)

इस फंड का आरंभ 20,000 करोड़ रु. की राशि के साथ मुख्य रूप से 99 सिंचाई परियोजनाओं के लिए धनराशि प्रदान करने के लिए किया गया था। 99 परियोजनाओं को राशि की मंजूरी के बाद बिहार और झारखंड से ‘ नॉर्थ कोएल डैम प्रोजेक्ट ‘ तथा आंध्र प्रदेश से ‘ पोलवरम नेशनल प्रोजेक्ट ‘ नामक दो और प्रोजेक्ट शुरू किये गये।

5. प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PAMY-G)

इस योजना के तहत, नेशनल रुरल इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी (NRIDA) को 9000 करोड़ रु. की राशि प्राप्त हुई, जिससे वर्ष 2022 तक जरूरतमंद परिवारों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ पक्के मकान बनाए जाने हैं।

6. नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंट (NIDA)

नाबार्ड (NABARD) बुनियादी ढांचा विकास सहायता एक विशेष कार्यक्रम है जो राज्य के स्वामित्व वाले संस्थानों और निगमों को फाइनेंशियल रूप से खुशहाल बनाने के लिए लोन प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है।

7. वेयर हाउस इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड

वेयरहाउस इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड कृषि वस्तुओं के लिए वैज्ञानिक भंडारण मूल संरचना उपलब्ध कराता है। नाबार्ड (NABARD) द्वारा वर्ष 2013-14 में 5000 रु. की प्रारंभिक लोन की राशि प्रदान की गई । 31 मार्च 2018, तक दी गुई राशि 4778 करोड़ रु. थी।

8. फूड प्रोसेसिंग फंड

इस फंड के अंतर्गत भारत सरकार ने 11 मेगा फूड पार्क परियोजनाओं, 3 फूड प्रोसेसिंग यूनिट और 1 फूड पार्क परियोजना के लिए 31 मार्च 2018 को 541 करोड़ रु. की लोन घोषणा की है।

9. सहकारी बैंकों को सीधे लोन देना

नाबार्ड(NABARD) ने 14 राज्यों में फैले 58 सहकारी कमर्शियल बैंक (CCBs) और चार राज्य सहकारी बैंक (StCBs) को 4,849 करोड़ रु. को सहायता राशि प्रदान की है।

10. मार्केटिंग फेडरेशन  को लोन सुविधा ( CFF )

यह फेडरेशन कृषि गतिविधियों और कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देता है; साथ ही यह व्यापार और सहकारी समितियों को बढ़ावा और मजबूती प्रदान करता है। मार्च 2018, तक इसके तहत दी गई राशि 25436 करोड़ रु. थी।

11. उत्पादक संगठनों और प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को लोन

नाबार्ड (NABARD) ने निर्माता संगठनों (PO) और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को सहयोग करने के लिए निर्माता संगठन विकास फंड (PODF) का शुभारंभ किया है। ये संगठन सेवा केंद्रों के रूप में कार्य करने के लिए गठित किए गए हैं।

खेती क्षेत्र के लिए नाबार्ड योजना

नाबार्ड (NABARD) खेती क्षेत्र के विकास से संबंधित योजनाएं भी उपलब्ध कराता है, जैसे कि:

डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट स्कीम

इस योजना के तहत, डेयरी बाज़ार से संबंधित उद्यमियों को डेयरी क्षेत्र में छोटे डेयरी फार्म और अन्य संबंधित व्यवसाय करने में सहायता प्रदान की गई।

योजना के अन्य उद्देश्यों  में शामिल हैं:

  • फार्म दूध के उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्म की स्थापना
  • कमर्शियल स्तर पर दूध संभालने के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन
  • स्वरोजगार पैदा करना और असंगठित क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार करना
  • बछिया पालन तथा अच्छे प्रजनन स्टॉक के संरक्षण को प्रोत्साहित करना

नाबार्ड (NABARD) द्वारा दी जाने वाली दूसरी विभिन्न योजनाएं इस प्रकार हैं:

  • कमर्शियल उद्देश्य से जैविक/ जैविक निविष्टियों के उत्पादन के लिए लोन
  • कृषि-क्लिनिक और कृषि व्यवसाय केंद्र योजना
  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन
  • GSS- जारी सब्सिडी का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना
  • ब्याज अनुदान योजना
  • नई कृषि विपणन अवसंरचना

नाबार्ड के तहत क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS)

नाबार्ड (NABARD) एक महत्वपूर्ण योजना भी प्रदान करता है जो निम्नलिखित है:

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2000 में शुरू की गई, क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत विशेष कार्य करने वाले छोटा उद्योगों में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए लोन दिया जाता है।

इसलिए नाबार्ड (NABARD) ने कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि और वृद्धि के लिए फाइनेंस और नॉन फाइनेंशियल सहायता के माध्यम से कृषि और ग्रामीण विकास में अपार योगदान दिया है।

FAQs on NABARD Scheme

Q. What is the procedure for obtaining a NABARD loan for dairy farming?

Ans. नाबार्ड योजना के तहत कोई ऋण नहीं दिया जाता है। कुछ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों और निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा केवल रियायती वित्तपोषण और सब्सिडी प्रदान की जाती है।

Q. Who can apply for a NABARD loan?

Ans. नाबार्ड योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए कोई प्रत्यक्ष नाबार्ड ऋण नहीं है, लेकिन आपको किसी भी वाणिज्यिक या सहकारी बैंक के साथ व्यापार ऋण के लिए आवेदन करना होगा।

Q. What are NABARD subsidies on dairy farming?

Ans. The subsidy offered under NABARD scheme is 25% of the outlay (33.33 % for SC/ST farmers) as a subsidy subject to a maximum of Rs 1.20 lakh for a unit of 20 calves (Rs. 1.60 lakh for SC/ST farmers). For a 5 calf unit, the maximum permitted capital subsidy is Rs 30,000 (Rs 40,000 for SC/ST farmers) for a 5 calf unit.

Q. What is NABARD refinance?

Ans. NABARD finance is a funding support offered to regional rural banks and co-operative banks in which the borrowed amount has to be repaid within 12 months. The NABARD refinance is offered for production, marketing and procurement activities.

Q. What are all banks and NBFCs that come under NABARD?

Ans. निम्नलिखित बैंकिंग संस्थाएं नाबार्ड योजना के तहत ऋण या सब्सिडी प्रदान करने की हकदार हैं:
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी)
सहकारी बैंक
निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक

Q. How can I get a loan from NABARD for a poultry farm?

Ans. पोल्ट्री फार्म व्यवसाय के लिए नाबार्ड द्वारा कोई ऋण प्रदान नहीं किया जाता है। आवेदक की व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार बैंकों द्वारा विशिष्ट पोल्ट्री फार्म ऋण प्रदान किए जाते हैं।

Q. Does NABARD give direct loans?

Ans. नहीं, नाबार्ड प्रत्यक्ष ऋण प्रदान नहीं करता है. बैंकों, एनबीएफसी, लघु वित्त बैंकों, सूक्ष्म वित्त संस्थानों आदि जैसे वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रत्यक्ष ऋण प्रदान किया जाता है।



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