Vehicle Scrappage Policy: अपनी गाड़ी को कब और कैसे दे सकेंगे कबाड़ में? जानें अहम सवालों के जवाब

Vehicle Scrappage Policy नेशनल ऑटोमॉबिल स्क्रैपिंग पॉलिसी New Vehicle Scrap Policy in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात में इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया. इस समिट में पीएम मोदी ने नेशनल ऑटोमॉबिल स्क्रैपिंग पॉलिसी को भी लॉन्च किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि देश में अनफिट वाहनों को एक वैज्ञानिक तरीके से हटाने में ये नीति बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी. इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद रहे.पीएम मोदी ने कहा कि पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी. साथ ही इससे हमारे स्वास्थ्य प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें कमी आएगी.

Vehicle Scrappage Policy kya hai

नई वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) के तहत पुरानी या अनफिट वाहनों को स्क्रैप कराने पर नगरिक को एक्स शो-रूम कीमत की 4-6 फीसदी राशि मिल सकती है. वहीं, अगर व्यक्ति वाहन स्क्रैप कराने के बाद नई गाड़ी खरीदता है, तो सर्टिफिकेट के जरिये कीमत पर 15 फीसदी तक का फायदा मिल सकता है. कहा जा रहा है कि नई नीति में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा.

सरकार की इस नई पॉलिसी में हर जिले में एक स्क्रैप सेंटर होगा. केंद्र सरकार ने राज्यों से इन सेंटर्स के लिए मुफ्त जमीन देने के लिए कहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि छोटी गाड़ियों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया शुरू होने में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है. वहीं, बड़े वाहनों के लिए यह प्रक्रिया दो सालों में शुरू हो सकती है. कहा जा रहा है कि 2023 तक नीति पूरी तरह से लागू हो सकेगी.

Benefit of Vehicle Scrappage Policy

नई स्क्रैपिंग पॉलिसी की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने इसके चार फायदे भी गिनाए. उन्होंने कहा, ‘इस पॉलिसी से सामान्य परिवारों को हर प्रकार से बहुत लाभ होगा. सबसे पहला लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा. ये सर्टिफिकेट जिसके पास होगा उसे नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा. इसके साथ ही उसे रोड टैक्स में भी कुछ छूट दी जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘दूसरा लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी की मेंटेनेंस कॉस्ट, रिपेयर कॉस्ट, फ्यूल एफिशिएंसी, इसमें भी बचत होगी.’ पीएम ने कहा, ‘तीसरा लाभ सीधा जीवन से जुड़ा है. पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी. चौथा, इससे हमारे स्वास्थ्य प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें भी कमी आएगी.’

साथ ही उन्होंने इस नई पॉलिसी की शुरुआत के कारण पर चर्चा की. उन्होंने कहा, ‘हम भविष्य में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर काम कर सकते हैं, लेकिन जो संसाधन हमें प्रकृति से मिलते हैं, वे हमारे हाथ में नहीं हैं. ऐसे में भारत एक ओर डीप ओशियन मिशन के जरिए नई संभावनाएं तलाश रहा है, तो दूसरी सर्क्युलर इकोनॉमी को भी प्रोत्साहित कर रहा है.’

क्या होता है स्क्रैप और वाहन को स्क्रैपिंग के लिए कैसे दे सकेंगे?

देश के हर जिले में स्क्रैप सेंटर खुलने की तैयारी की जा रही है. इन्हीं केंद्रों पर सारे काम होंगे. अब अगर आपका पुराना वाहन चलाने योग्य है, तो आपको एक फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करना होगा. अगर वाहन कबाड़ में देना चाहते हैं या अनफिट है, तो उसे स्क्रैपिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसके लिए वाहन मालिक को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के साथ सेंटर पर पहुंचक वाहन की पूरी जानकारी देनी होगी. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के जरिए वाहन की जांच की जाएगी. अगर पता चलता है कि वाहन चोरी में शामिल नहीं है, तो स्क्रैपिंग की जा सकेगी. स्क्रैप सर्टिफिकेट का इस्तेमाल एक बार ही किया जा सकेगा.

फिटनेस सर्टिफिकेट क्या है और इसे कैसे हासिल कर सकते हैं?

निजी वाहन का 15 साल और कमर्शियल वाहन का रजिस्ट्रेशन 10 साल के लिए होता है. 15 साल पूरे होने के बाद हर 5 साल में फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करना होगा. वाहन चालक इसे केवल तीन बार हासिल कर सकेंगे. फिटनेस सेंटर पर गाड़ी की पूरी तरह जांच होगी. इसमें प्रदूषण, चलने की क्षमता, पर्यावरण के लिए तय मानक, ब्रेक, इंजन समेत कई चीजों की जांच की जाएगी. कहा जा रहा है कि ऑटोमेटेड होने के चलते इस प्रक्रिया में गोलमाल की संभावनाएं कम हैं.

वाहन अनफिट है तो क्या होगा, अगर खुद स्क्रैप कराना चाहते हैं तो कौन से दस्तावेज देने होंगे?

अगर जांच के दौरान वाहन अनफिट पाया जाता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं हो सकेगा. ऐसे में वाहन को स्क्रैप में देने के अलावा कोई भी रास्ता नहीं बचेगा. अगर आप खुद वाहन को स्क्रैप कराना चाहते हैं, तो ओरिजिनल रजिस्ट्रेश सर्टिफिकेट, मालिक की अनुमति, पैन कार्ड, बैंक चेक, पहचान पत्र दिखाने होंगे. अगर आपका वाहन पुश्तैनी है, तो मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र और उत्तराधिकार पत्र पेश करना होगा.

Scrap Certificate kaise milega : फायदा कैसे मिलेगा?

वाहन मालिक को सेंटर पर एक डिपॉजिट सर्टिफिकेट मिलेगा. यह प्राप्ति प्रमाण पत्र फॉर्म-2 भरने और पूरे दस्तावेज दिखाने पर मिलेगा. जब वाहन स्क्रैप हो जाएगा, तो मालिक को मूल्यांकन राशि मिल जाएगा. इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल देशभर में किया जा सकेगा.

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