Success Story Govind Prajapati : मिट्टी से प्रेशर कुकर

Vokal for Local :मेघनगर में बने मिट्‌टी के बर्तन ( mitti ke bartan ) अब दिल्ली तक बिकते हैं, कुछ साल पहले तक यहां मटके, तवे और सुराही बनते थे, अब कूकर सहित 16 तरह के आइटम बन रहे

मेघनगर के सांई चौराहे पर थांदला-झाबुआ रोड के एक तरफ लगभग 20 कुम्हारों के घर और उनके आगे दुकानें हैं। यहां के कुम्हारों ने देशभर में अपनी कला से नाम कमाया। 10 साल पहले तक ये मटके, मिट्‌टी के तवे और सुराही बनाते थे। बाद में टोटी (टैब) वाले मटके बनाने लगे और उन पर आकर्षक कलाकारी करने लगे। ये खूब चलन में आए और अब भी चल रहे हैं।

लेकिन बदलाव में भरोसा रखने वाले इन व्यापारियों ने आगे नया करने का साेचा। इन्होंने बाद में मिट्‌टी के बर्तन बनाना शुरू कर दिया। इनकी मांग धीरे-धीरे बढ़ने लगी और अब दिल्ली, राजस्थान तक भेज रहे हैं। इन दुकानों पर अब मटके, तवे, सुराही तो मिल ही रही है, साथ ही सजावटी झूमर, मिट्‌टी के गिलास, थाली, कटोरी, प्रेशर कूकर, पानी की बोतल, कॉपी मग, चाय के कप-प्लेट, गुल्लक, कढ़ाई, सब्जी बनाने की हांडी, दही जमाने की तपेली भी बन रही है। दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों तक सामान जाता है।

समय के साथ चलना जरूरी

दुकानदार हेमंत प्रजापत ने बताया समय के साथ नया करना और बाजार में टिके रहने के लिए प्रयोग करना जरूरी है। हेमंत को साल 2014 और 2016 में मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड भोपाल की ओर से प्रमाण-पत्र भी मिला।

मध्यप्रदेश के मेघनगर (झाबुआ) में मिट्टी से प्रेशर कुकर बन रहे है , सुनने में थोड़ा सा नया लगता है ना मिट्टी से प्रेशर कुकर तैयार करना मुझे भी लगा था क्योंकि जहाँ तक मुझे पता है प्रेशर कुकर के बनाने में वैज्ञानिक तकनीक की आवश्यक्ता होती है फिर मिट्टी के बर्तन बनाने वाला कुम्हार वही मिट्टी से जिससे वो बर्तन बनाता है प्रेशर कुकर कैसे बना सकता है ?

परंतु ये संभव हुआ है और इसे संभव किया है मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के मेघनगर के गोविंद जी प्रजापत ने , गोविंद जी केवल प्रेशर कुकर ही नहीं बल्कि मिट्टी के और भी सुंदर और आकर्षक दिखने वाले बर्तन बनाते हैयदि असली स्वदेशी को दिल से चाहते हैं तो अपने गांवों में भी यह उद्योग शुरू कराए” और असली स्वदेशी बनें उद्योग लगाने के लिये आप गोविंद जी प्रजापत से संपर्क कर सकते है इनका मोबाईल नंबर 9406603388 है

सुंदर सामान देख हर कोई रुक जाता है, राज्यपाल भी रुक गए थे

स्टेट हाईवे से सटकर दुकानें होने के कारण अक्सर लोग गाड़ी रोककर यहां खरीदारी करते हैं। जनवरी 2019 में नागालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य थांदला एक कार्यक्रम में आए। झाबुआ हेलिपेड से थांदला जाते समय उन्होंने ये बर्तन देखे तो वो भी रुक गए। मिट्टी की दो छोटी व बड़ी कढ़ाई, झूमर व अन्य सामान खरीदकर ले गए थे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह और कई दूसरे वीआईपी यहां से सामान ले चुके हैं।

गोविन्द प्रजापति जी 9406603388

अमृत माटी : mritmatiindia@gmail.com , 7976658079

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