प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) 2022 नीली क्रांति की होगी शुरुआत

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada yojnaPMMSY) पृष्ठि भूमि मत्स्यपालन के विकास की व्यापक संभावना को देखते हुए दिसंबर 2014 में, मत्स्यपालन क्षेत्र में “एक क्रांति” का आह्वान किया गया था और इसे “ब्लू रेवोल्यूशन”यानी नीली क्रांति का नाम दिया था। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा मत्स्यपालन क्षेत्र में नीली क्रांति को लाने के लिए कई पहल शुरू की गई ताकि एक स्थायी और जिम्मेदार तरीके से मत्स्यपालन क्षेत्र की क्षमता का बढ़ाया जा सके।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) 2022

PM Matsya Sampada yojna क्या है ? वर्ष 2022 तक किसानों कि आय को दुगना करने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने तय किया है. इसके लिए कृषि के अलग–अलग क्षेत्र में किसानों कि आय बढ़ाने की जरुरत को देखते हुए सरकार द्वारा पशुपालन एवं मछली पालन की योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. देश में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की गई है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने इस पीएम मतस्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Scheme) को नीली क्रांति (PM Blue Revolution) का नाम दिया है।

PM Matsya Sampada Scheme के सफलतापूर्वक कार्यान्वन के लिए एक अलग से विभाग, मंत्रालय भी बनाया गया है। वित्तीय वर्ष 2020 तक सरकार ने 15 मिलियन टन के मछ्ली उत्पादन का लक्ष्य रखा है जिसका नीली क्रांति (PM Blue Revolution) के अंतर्गत इम्प्लीमेंटेशन किया जाएगा। PM Matsya Sampada yojna को पूरे देश में लागू किया गया है योजना के अन्तर्गत मत्स्य पालक, मछली बेचने वाले, स्वयं सहायता समूह, मत्स्य उधमी, फिश फार्मर आवेदन कर सकते हैं ।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना 2020 के कार्यान्वन में कुल लागत 20,050 करोड रुपए की है। जिसमें केन्द्र 9,407 करोड रूपए, राज्यों की हिस्सेदारी 4,880 करोड रुपए तथा लाभार्थियों की हिस्सेदारी 5763 करोड रुपए की होगी। पहले इस योजना को 2020 तक ही लागू करने का विचार था पर अब इसे वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि में लागू किया जाएगा।

PM मत्स्य संपदा योजना – वर्गीकृत श्रेणियाँ / घटक

जैसा की हमने आपको पहले बताया की योजना के दो घटक होंगे पहला जिसमें केन्द्रीय योजना के द्वारा वित्तपोषित होगा दूसरा केन्द्र प्रायोजित योजना। केन्द्रीय योजना के दो वर्ग होंगे एक लाभार्थी वर्ग और दूसरा गैर लाभार्थी वर्ग। केन्द्र प्रायोजित योजना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है जो निम्न्लिखित हैं:

  1. उत्पादन और उत्पादकता की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना।
  2. अवसंरचना और उत्पादन बाद प्रंबधन का निर्माण करना।
  3. मत्स्य पालन प्रबंधन और नियामक फ्रेमवर्क तैयार करना।

PMMSY Scheme Implementation

PM मतस्य संपदा योजना के लिए वित्त पोषण और कार्यान्वन को निम्न्लिखित श्रेणियों में बांटा गया है जिससे योजना को देश में सफलतापूर्वक लागू करने में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो:

  • इस परियोजना में 100 प्रतिशत वित्तीय जरुरतों की पूर्ति केन्द्र सरकार की ओर से की जाएगी। इसमें लाभार्थी वर्ग से जुडी गतिविधियों को चलाने का काम पूरी तरह से राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड सहित केन्द्र सरकार का होगा। इसमें सामान्य लाभार्थियों वाली परियोजना का 40% जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति तथा महिलाओं से जुडी परियोजना का 60% प्रतिशत वित्त पोषण केन्द्र सरकार करेगी।
  • इसके तहत पूर्वोत्तर तथा हिमालयी क्षेत्र वाले राज्यों में लागू होने पर 90 प्रतिशत खर्च केन्द्र और 10 फीसदी खर्च राज्य सरकारें उठाएंगी।
  • अगर पूर्वोत्तर तथा हिमालयी क्षेत्रों के अलावा यह योजना देश में अन्य राज्यों में शुरू होती है तो केन्द्र और संबधित राज्यों की हिस्सेदारी क्रमश 60 और 40 प्रतिशत की होगी।
  • केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू होने पर पूरा का पूरा खर्च यानि 100% केंद्र सरकार वहन करेगी।

एफआईडीएफ राज्य सरकार, सहकारी समितियों, व्यक्तियों और उद्यमियों को रियायती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मात्स्यिकी विभाग के ढ़ांचे का निर्माण किया जाएगा।। इसके तहत प्राइस चेन को स्ट्रॉंग बनाया जाएगा और जरूरी कमियों का निपटारा किया जाएगा। जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, पैदावार प्रबंध और गुणवत्ता आदि के ऊपर नियंत्रण कैसे किया जाये शामिल हैं।

PM मत्स्य संपदा योजना पात्रता ( Eligibility for Pradhan Mantri Matsya Sampada Scheme )

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्न्लिखित पात्रता एवं योग्यता ( Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Eligibility ) होनी जरूरी है:

  • मछुआरा समुदाय के लोग।
  • उम्मीदवार जो जलीय कृषि कर रहे हैं या फिर इच्छुक हैं।
  • वे मछुआरे जो किसी तरह की प्राकृतिक आपदा से ग्रसित हैं।
  • वे व्यक्ति जो मछलीपालन के अलावा अन्य जलीय जीवों की खेती करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभ ( Pradhanmantri Matsya Yojna ke labh )

PMMSY Scheme या देश में शुरू होने वाली इस नीली क्रांति से मत्स्य पालन क्षेत्र और जलीय कृषि क्षेत्रों को निम्न्लिखित लाभ होंगे:

  1. मत्स्य पालन क्षेत्र में पहले कुछ कमियाँ थी जिनके ऊपर कभी गौर नहीं किया गया ऐसी गंभीर कमियों को दूर क्यी जाएगा। जिससे इस क्षेत्र की पूरी क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल किया जा सके।
  2. पहले मत्स्य पालन क्षेत्र में इन कमियों को दूर करके 9 प्रतिशत की सालाना दर से वृद्धि के साथ 2024-25 तक 22 मिलियन मेट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी।
  3. मत्स्य पालन के लिए गुणवत्ता युक्त बीज हासिल करने तथा मछली पालन के लिए बेहतर जलीय प्रबंधन को बढावा मिलेगा।
  4. मछली पालन के लिए आवश्यक अवसंरचना और मजबूत मूल्य श्रृंखला विकसित की जा सकेगी।
  5. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन से लोगों को सीधे या परोक्ष रूप में जोड़ा जाएगा जिससे सभी लोगों के लिए रोजगार और आय के बेहतर अवसर खुलेंगे।
  6. मछली पालन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी जिससे मछली उत्पाद बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
  7. वर्ष 2024 तक मछली पालन से जुडे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी
  8. मछली पालन क्षेत्र तथा इससे जुडे किसानों और श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana Apply Online Registration) के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन पत्र या पंजीकरण कहां पर करेंगे इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना FAQs

Ques. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना क्या है ?

Ans. पीएम मत्स्य सम्पदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) का मुख्य उद्देश्य देश को जलीय उत्पादों के लिए केन्द्रीकरण करके हॉटस्पॉट में बदलना है जिससे मछुआरों की आय में वृद्धि हो सके और यह क्षेत्र और भी ज्यादा फल-फूल सके।

Ques. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को कब लॉन्च किया गया था ?

Ans. इस योजना को वर्ष 2019 के वित्त बजट को पेश करते समय लॉन्च किया गया था। हाल ही में आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज की घोषणा के दौरान 15 मई को इस योजना के किर्यान्वन के लिए 20 हजार करोड़ की राशि की घोषणा की गई |

Ques. पीएम मत्स्य सम्पदा योजना किसके द्वारा लॉन्च करी गई थी ?

Ans. मतस्य संपदा योजना का एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बजट पेश करते समय किया था।

Ques. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और नीली क्रांति में क्या संबंध है ?

Ans. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना और नीली क्रांति दोनों एक ही हैं।

Ques. PM मत्स्य संपदा योजना का Implementation कैसे किया जाएगा ?

Ans. PM मत्स्य संपदा योजना का Implementation केंद्र और राज्य सरकार दोनों के द्वारा मिलकर किया जाएगा। इस परियोजना में केंद्र सरकार 60% जबकि 40% प्रतिशत वित्त पोषण राज्य सरकार वहन करेगी।

Ques. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं ?

Ans. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करना है इसकी कोई जानकारी केंद्र सरकार ने सांझा नहीं की है।

Ques. नीली क्रांति या पीएम मतस्य योजना कब तक चलाई जाएगी ?

Ans. पहले इसे 2020 तक ही चलाने का लक्ष्य था पर अब 2025 तक लागू रखा जाएगा।

Ques. PM मत्स्य संपदा के लिए उम्मीदवारों के लिए पात्रता क्या होगी ?

Ans. मछुआरा समुदाय के लोग, उम्मीदवार जो जलीय कृषि कर रहे हैं या फिर इच्छुक हैं, वे मछुआरे जो किसी तरह की प्राकृतिक आपदा से ग्रसित हैं, वे व्यक्ति जो मछलीपालन के अलावा अन्य जलीय जीवों की खेती करना चाहते हैं।

Ques. पीएम मत्स्य संपदा योजना या नीली क्रांति के तहत लाभार्थी सूची कैसे डाउनलोड करें ?

Ans. अभी के लिए पीएम मत्स्य संपदा योजना या नीली क्रांति के तहत लाभार्थी सूची की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है


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