NPS खाता ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे खुलवाएं?

नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS रिटायरमेंट के लिए बेहद पॉपुलर निवेश का विकल्प है. सरकारी कर्मचारियों के लिए तो जरूरी है, वहीं निजी क्षेत्र के लिए यह वॉलंटियरी इन्वेस्टमेंट आप्यान है. इस स्कीम में 18 साल से 60 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक जुड़ सकता है. इसके लिए 500 रुपये के शुरूआती निवेश से आपका खाता खुल जाता है. योजना की खासित है कि इसमें आप एक साल में कितना भी निवेश कर सकते हैं. 60 की उम्र के बाद जहां एनपीए आपके लिए हर महीने पेंशन का इंतजाम करता है, वहीं एकमुश्त रकम भी आपको मिलती है. वहीं इसमें निवेश करने पर आपको टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है. यह खाता ऑनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से खुल सकता है.

राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली क्‍या है? ( NPS kya hai )

राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) एक पेंशन सह निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को वृ‍द्धावस्‍था सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। यह योजना सुरक्षित और विनियमित बाजार आधारित रिर्टन के जरिए प्रभावशाली रूप से आपकी सेवानिवृत्ति की योजना बनाने हेतु एक आकर्षक दीर्घकालिक बचत मार्ग से प्रारंभ होती है। इस योजना का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है। पीएफआरडीए द्वारा स्‍थापित राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली न्‍यास (NPS Trust) एनपीएस के अंतर्गत सभी आस्तियों का पंजीकृत मालिक है।

NPS Full form In Hindi

राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)

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दो तरह के होते हैं खाते
इस स्‍कीम में दो तरह के अकाउंट होते हैं. टियर-1 और टियर-2.

टियर-1 अकाउंट को खुलवाना अनिवार्य है. इस अकाउंट में जो भी रकम जमा कर रहे हैं, उसे वक्त से पहले यानी रिटायरमेंट तक नहीं निकाल सकते. जब आप स्कीम से बाहर जाएंगे, तब ही इसकी रकम आप निकाल सकते हैं.

वहीं, टियर-2 अकाउंट को कोई भी टियर-1 अकाउंट होल्डर खुलवा सकता है. इसमें वह अपनी इच्छा से पैसा जमा और निकाल सकता है. यह अकाउंट सभी के लिए अनिवार्य नहीं है. यह आपकी इच्छा पर निर्भर है.

किन डॉक्युमेंट्स की होगी जरूरत ( NPS Documents )

  • आधार या पैन कार्ड

ध्यान रखें कि आधार में आपका मौजूदा पता और आपका मोबाइल नंबर अपडेट हो. इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि आपका पैन कार्ड आपके बैंक अकाउंट से लिंक्ड हो.

  • ऑनलाइन अकाउंट खोलने के लिए नेट बैंकिंग सुविधा, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड.
  • पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ
  • हस्ताक्षर की गई फोटो

NPS खाता कैसे खोलें ऑनलाइन ?

  • सबसे पहले आप NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाएं. https://www.npstrust.org.in/content/open-your-nps-account-online
  • इसके बाद आप इंडीविज्युअल कैटेगरी पर क्लिक करें.
  • फिर आधार या पैन नंबर दर्ज करें. आपको मोबाइल पर इससे संबंधित वन टाइम पासवर्ड आएगा. इसे वेरीफाई कर दें.
  • इसके बाद आप एकनॉलेजमेंट नंबर लेने के लिए जानकारी को सबमिट करें.
  • पेंशन फंड मैनेजर का चुनाव करें, फिर निवेश का माध्यम चुनें.
  • उसके बाद नॉमिनी का चुनाव करना होगा.
  • फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें.
  • इसके बाद टियर-I अकाउंट में कम से कम 500 रुपये और टियर-II अकाउंट में कम से कम 1000 रुपये का शुरुआती निवेश जरूरी है.

NPS खाता कैसे खोलें आफलाइन ?

आफलाइन अकाउंट खोलने के लिए आपको PFRDA द्वारा अप्वॉइंट किए गए पास के प्वॉइंट्स आफ प्रेजेंस (POPs) पर जाना होगा. अमूमन ज्यादातर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन मसलन बैंक, बीमा कंपनियां और फाइनेंशियल सर्विसेज देने वाली कंपनियां प्वॉइंट्स आफ प्रेजेंस के रूप में काम कर रही है. आपको एनपीएस ट्रस्ट की वेबसाइट पर सभी पीओपी की जानकारी मिल जाएगी. यहां आपको एनपीउस में खाता खुलवाने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा. इसके साथ आपको आईडी प्रूफ, एड्रेस, पासपोर्ट साइज के फोटो ग्राफ ले जाना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के बाद शुरूआती 500 रुपये निवेश कैश या चेक में कर सकते हैं.

एनपीएस योजना की विशेषताएँ

  • टियर– I – पेंशन खाता (अनिवार्य खाता – कर लाभ उपलब्ध)
  • टियर – II – निवेश खाता ( वैकल्पिक खाता – कोई कर लाभ नहीं लेकिन मूल निधि को किसी भी समय आहरित किया जा सकता है) वित्तीय वर्ष में 50,000/- रु. ।
  • टियर – I के लिए खाता खोलते समय न्यूनतम अंशदान राशि 500/- रु. ।
  • टियर – II के लिए खाता खोलते समय न्यूनतम अंशदान राशि 1,000/- रु. ।
  • टियर – I के लिए एक वर्ष में न्यूनतम कुल अंशदान राशि 1,000 रु. (प्रति अंशदान न्यूनतम राशि 500 रु. )।
  • टियर – II के लिए एक वर्ष में न्यूनतम कुल अंशदान राशि लागू नहीं (प्रति अंशदान न्यूनतम राशि 250 रु. )।
  • 0.01% निधि प्रबंधन प्रभार सहित बहुत कम लागत वाला उत्पाद।
  • मार्केट से जुड़ा आकर्षक प्रतिलाभ
  • निवेश में लचीलापन – ग्राहक अपनी पसंद का पेंशन निधि प्रबंधक (पीएफएम) चुन सकता है। अभिदाता को एक वित्तीय वर्ष में एक बार पीएफएम को बदलने की अनुमति है। अभिदाता अपनी आस्ति आबंटन को भी निर्धारित कर सकते हैं, इसे एक वित्तीय वर्ष के दौरान दो बार बदला जा सकता है।
  • विभिन्न नौकरियों एवं भौगोलिक क्षेत्रों में परिवर्तनीय
  • सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी के वेब एवं मोबाईल एप्प के माध्यम से 24x7x365
  • एनपीएस में एकबारगी बदली – अधिवर्षिता के तहत मौजूदा मूलनिधि को बिना कर प्रभाव एनपीएस में अंतरित किया जा सकता है।
  • सेवानिवृति के पश्चात एनपीएस योजना को जारी रखना – 70 साल तक अंशदान करने या 70 वर्ष की आयु तक आहरण का प्रावधान।
  • 2 लाख रु. से कम की मूलनिधि के लिए पूर्ण आहरण – 60 वर्ष की आयु या उसके बाद यदि कुल संचित मूलनिधि 2 लाख रु. से कम है तो अभिदाता पूरी मूलनिधि को आहरित कर सकता है।

NPS FAQ :

एनपीएस के क्या फायदे हैं?

यह स्वैच्छिक है – एक अभिदाता एक वित्तीय वर्ष में किसी भी समय योगदान कर सकता है और वह राशि भी बदल सकता है जिसे वह अलग रखना चाहता है और हर साल बचाना चाहता है।
यह लचीला है – सब्सक्राइबर अपने स्वयं के निवेश विकल्प और पेंशन फंड चुन सकते हैं और अपने पैसे को बढ़ते हुए देख सकते हैं।

एनपीएस के क्या नुकसान हैं?

निकासी के समय कराधान , एनपीएस कॉर्पस, जिसे सब्सक्राइबर एन्युटी खरीदने या पेंशन लेने के लिए इस्तेमाल कर सकता है, स्कीम के मैच्योर होने पर टैक्सेबल होता है। एनपीएस में निवेश का 60% भारत सरकार द्वारा कर लगाया जाता है, जबकि 40% कराधान से बच जाता है।

क्या मैं NPS से पैसे निकाल सकता हूँ?

जब एक एनपीएस ग्राहक सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुँच जाता है, अर्थात, वह 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है, तो वह संचित कोष का 60% एकमुश्त कर-मुक्त कर सकता है। … हालांकि, एक ग्राहक 100% एकमुश्त राशि निकाल सकता है यदि कुल संचित पेंशन राशि ₹2 लाख से कम या उसके बराबर है।

क्या एनपीएस जोखिम मुक्त है?

अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में, एनपीएस में तुलनात्मक रूप से कम जोखिम होता है। … निवेशक, जो ५० वर्ष की आयु में हैं, जोखिम जोखिम ७५% है, जो ६०% की आयु तक पहुंचने पर २.५% कम हो जाता है। यह इक्विटी एक्सपोजर कम जोखिम वाले एक्सपोजर के साथ अधिक कमाई के अवसर प्रदान करता है।

एनपीएस टियर 2 निकासी नियम

आप एनपीएस टियर 2 खाते से किसी भी समय निकासी कर सकते हैं। हालांकि, कर कटौती का लाभ उठाने के लिए एनपीएस टियर 2 में निवेश करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए 3 साल का लॉक-इन है।

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