Army Chief Bipin Rawat biography in hindi | बिपिन रावत बायोग्राफी

Bipin Rawat: India’s top general dies in helicopter crash – BBC

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सीडीएस बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर क्रैश,

विमान हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इस विमान में सीडीएस बिपिन रावत व उनकी पत्नी समेत 14 लोग सवार थे।  
तमिलनाडु के नीलगिरी में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हेलीकॉप्टर में सीडीएस बिपिन रावत के साथ उनकी पत्नी व अन्य अधिकारियों समेत कुल 14 लोग सवार थे। हादसे से अभी तक तीन लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जिसमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

Latest visual from the spot (between Coimbatore and Sulur) where an IAF chopper crashed in Tamil Nadu. CDS Bipin Rawat, his staff and some family members were in the chopper. (Image: ANI)

बिपिन रावत की जीवनी (CDS Bipin Rawat Biography in hindi) (Wife, Daughter, Age, Caste, Retirement date)

बिपिन रावत को कल तक लोग थलसेना के 27वें प्रमुख के रूप देश जानता था पर अब वे इस पद से रिटायर्ड हो चुके है. उन्हें इससे भी बड़ा पद संभालने के लिए मिला है और भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है. बिपिन रावत को देश का पहला CDS  अधिकारी यानि चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ बनाया गया है. यह पद आज से पहले किसी को नहीं मिला है. CDS का काम है थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनो के बिच तालमेल बैठाना. सीधे शब्दों में कहूँ तो यह रक्षा मंत्री के प्रमुख सलाहकारों में शामिल होंगे और यह तींनो सेनाओं को निर्देश देंगे हालाँकि इनका काम किसी भी सैन्य एक्टिविटी में दखल देना नहीं है. यह सिर्फ तीनो सेनाओं के बिच तालमेल बैठाने का काम करेंगे. आज हम इस आर्टिकल में बिपिन रावत के जीवन के बारें में बताने वाले हैं.

बिपिन रावत की जीवनी

नाम ( Name)बिपिन रावत
प्रसिद्धी का कारण (Famous For )भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होने के नाते
जन्म (Birth)16 मार्च 1958
उम्र (Age )63 साल (मृत्यु तक )
जन्म स्थान (Birth Place)पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड , भारत
मृत्यु की तारीख (Date of Death)8 दिसंबर 2021
मृत्यु की जगह (Place of Death)कुन्नूर, तमिलनाडु
मृत्यु की वजह (Reason of Death )हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त
गृहनगर (Hometown)लैंसडाउन, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड, भारत
शिक्षा Education Qualificationएमफिल की डिग्री ,
प्रबंधन और कंप्यूटर अध्ययन में डिप्लोमा
डॉक्टरेट की उपाधि
स्कूल (School )कैम्ब्रियन हॉल स्कूल, देहरादून
सेंट एडवर्ड स्कूल, शिमला
कॉलेज (College)राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला
भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून
रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी), वेलिंगटन
फोर्ट लीवेनवर्थ, कंसास में संयुक्त राज्य सेना कमान और जनरल स्टाफ कॉलेज
मद्रास विश्वविद्यालय
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
धर्म (Religion)हिन्दू
राशि (Zodiac Sig)कन्या
जाति (Caste )हिंदू गढ़वाली राजपूत
कद (Height)5 फीट 8 इंच
आंखों का रंग (Eye Colour)गहरा भूरा रंग
बालों का रंग (Hair Colour)काला
पेशा (Profession)आर्मी ऑफिसर
कार्यकाल (Service Years )16 दिसंबर 1978 – 8 दिसंबर 2021 (मृत्यु तक)
पद (Rank)फोर स्टार जनरल
सर्विस / ब्रांच ( Army Service/Branch)भारतीय आर्मी
सर्विस के साल (Service-Years)16 दिसंबर 1978 – 8 दिसंबर 2021 ( मृत्यु तक)
यूनिट (Unit)5/11 गोरखा राइफल्स
आदेश (Commands )दक्षिणी कमान III कोर
19वीं इन्फैंट्री डिवीजन
मोनुस्को उत्तर किवु ब्रिगेड
राष्ट्रीय राइफल्स, सेक्टर 5
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित
वेतन (Salary )रु.  500,000/माह + अन्य भत्ते
नामबिपिन रावत
जन्म दिनांक16 मार्च 1958 (देहरादून)
सेवाभारतीय सेना में
पददेश के प्रथम CDS अधिकारी
उम्र61 वर्ष
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पत्नी का नाममधुलिका रावत
जाती (धर्म) (Caste)क्षेत्रीय राजपूत (हिन्दू धर्म)
बच्चे2 बेटियां
राशिवृषभ

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तमिलनाडु के नीलगिरी में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हेलीकॉप्टर में सीडीएस बिपिन रावत के साथ उनकी पत्नी व अन्य अधिकारियों समेत कुल 14 लोग सवार थे। हादसे से अभी तक तीन लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है, जिसमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बिपिन रावत कौन थे ?

 बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958  को देहरादून में हुआ. बिपिन रावत के पिताजी एल एस रावत भी फ़ौज में थे और उन्हें लेफ्टिनेंट जनरल एलएस रावत के नाम से पहचाना जाता था. इनका बचपन फौजियों के बीच ही बीता और इनकी शुरूआती पढाई सेंट एडवर्ड स्कुल शिमला में हुई. उसके बाद उन्होंने इंडियन मिलट्री एकेडमी में एडमिशन लिया और देहरादून चले आये. यहाँ उनकी परफोर्मेंस को देखते हुए उन्हें पहला सम्मान पत्र मिला जो SWORD OF HONOUR से सम्मानित किया गया था. उसके बाद उन्होंने अमेरिका में पढाई करने का मन बनाया और वो अमेरिका चले गये यहाँ उन्होंने सर्विस स्टाफ कॉलेज में ग्रेजुएट किया. साथ में उन्होंने हाई कमांड कोर्स भी किया.

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Image Source : TWITTER/AWWA

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Caption Varun Singh Kaun hai?

Tarini rawat daughter of bipin rawat

She is a lawyer who practices in the Delhi High Court. she is best known for being the daughter of Bipin Rawat who died recently. 

भारतीय आर्मी में शामिल बिपिन रावत

परिचय बिंदुपरिचय
आर्मी ज्वाइन कब की16 दिसंबर 1978
पहली जोइनिंगगोरखा बटालियन 5

 बिपिन रावत अमेरिका से लौट आये और उसके बाद उन्होंने आर्मी में शामिल होने का मन बनाया. उन्हें अपने प्रयासों में सफलता 16 दिसंबर 1978 में मिली. उन्हें गोरखा 11 राइफल्स की 5वीं बटालियन में शामिल किया गया. यहीं से उनका सैन्य सफर शुरू हुआ. यहाँ बिपिन रावत जी को सेना के अनेक नियमों को सिखने का मौका मिला और उन्हें कैसे एक टीम वर्क करना चाहिए यह भी उनके समझ में आया. बिपिन रावत ने बताया था एक इंटरव्यू में की उनकी जिंदगी में उन्होंने गोरखा में रहते हुए जो सिखा वो कहीं और सिखने को नहीं मिला है. यहाँ उन्होंने आर्मी नीतियों को समझा और नीतियों के निर्माण में कार्य किया. गोरखा में रहते हुए उन्होंने आर्मी की अनेक जैसे Crops , GOC-C , SOUTHERN  COMMAND, IMA DEHRADUN , MILLTERY OPREATIONS DIRECTORET में LOGISTICS STAFF OFFICER के पद पर भी काम किया.


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अंतराष्ट्रीय स्तर भी सैन्य सेवाएँ दी

परिचय बिंदुपरिचय
अंतराष्ट्रीय स्तर पर7000 लोगों की जान बचाई
देशों में सेवा दीनेपाल, भूटान, कजाकिस्तान इत्यादि

 बिपिन रावत ने भारत में ही नहीं अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सेवायें दी है. वे कांगो के UN Mission के भागीदार थे और उसी वक्त उन्हें अंतराष्ट्रीय स्तर पर सेवायें देने का मौका मिला था. यहाँ उन्होंने 7000 लोगों की जान बचाई थी.

सेना में मिले है अनेक पुरस्कार । Bipin Rawat Award

परिचय बिंदुपरिचय
Anti Vishisht Seva Medalविशिस्त सेना मैडल
Yudh seva medalयुद्ध सेना मैडल

 बिपिन रावत जी को सेना में रहते हुए सेना में अनेक तरह के पुरस्कार भी मिले हैं. उन्हें युद्ध नीति को सीखते हुए अपने कौशल का सही इस्तेमाल करते हुए आर्मी में अनेक मैडल प्राप्त किये है. उन सभी मैडल का विवरण हम निचे परिचय बिंदु में देने जा रहे हैं. इनके 37 साल के आर्मी करियर में इन्हें अनेक अवार्ड मिले है और उन सभी की लिस्ट बनाना संभव नहीं है.

सेना आर्मी चीफ तक का सफर

परिचय बिंदुपरिचय
सेना प्रमुख पद संभाला31 दिसंबर 2016
सेना प्रमुख पद से इस्तीफा31 दिसंबर 2019
सेना प्रमुख पद पर सेवायें3 वर्ष

बिपिन रावत जी को सेना का प्रमुख बनाया गया. उन्हें 31 दिसंबर 2016 को दलबीर सिंह सुहाग का उत्तराधिकारी बनाया गया. यह पद बिपिन रावत के जीवन का अहम पद है. इस पद पर आने के बाद उन्हें पुरे भारत में एक खास पहचान मिली और वे भारतीय सेना के 27वें प्रमुख बने. उन्होंने इस पद की कमान 1 जनवरी 2017 को संभाली थी.

देश के पहले CDS अधिकारी बने बिपिन रावत

परिचय बिंदुपरिचय
सेना प्रमुख से इस्तीफा31 दिसंबर 2019
पहले CDS अधिकारीजनवरी 2020 को कार्य संभाला

बिपिन रावत ने सेना के प्रमुख पद से 31 दिसंबर 2019 को भारतीय सेना के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया और उन्होंने देश के पहले CDS अधिकारी की कमान संभाली. यह पहले वो इंसान है जिसे भारतीय CDS अधिकारी बनाया गया है. CDS यानि चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ अधिकारी होता है जो थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनो के बिच तालमेल का कार्य करता है और रक्षा मंत्री और गृहमंत्री का मुख्य सलाहकार होता है.

बिपिन रावत का लेखन के प्रति प्यार

परिचय बिंदुपरिचय
बिपिन रावत के शौंकफुटबॉल खेलना एंव लेखन इत्यादि

 बिपिन रावत जी को एक अच्छा लेखक भी कहा जाता है. उनके अनेक लेख पत्रिकाओं में पब्लिश होते है. वह भारतीय राजनीति पर अनेक तरह के कटाक्ष लिखते हैं. अपने लेखन की मदद से बिपिन रावत अपनी बात को लोगों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं. आज उनके लेख पूरी दुनिया में पढ़े जाते हैं और बहुत सी ऐसी बातें लिखते हैं, जो भारतीय समाज में अहम भूमिका निभाती है.

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बिपिन रावत के सुविचार

बिपिन रावत हमेशा देश के अहम मुद्दों एंव सुरक्षा को लेकर लिखते रहते है. उनकी अनेक ऐसी बातें जो हमें उर्जावान बनाने में काम आती है.

  • पद कोई भी हो, उसे सही तरीके से निभाने के लिए टीम वर्क बहुत जरूरी है.
  • उन देशभक्तों की बराबरी हम नहीं कर सकते जो सियाचिन की ठंड में देश की सेवा करते हैं.
  • देश की सुरक्षा के लिए हम अकेले कुछ नहीं करते, हमारा हर एक सैनिक इसमें भागीदार होता है. इतना ही नहीं देश का हर एक नागरिक देश के लिए कुछ ना कुछ तो जरुर करता है.

बिपिन रावत ने अपनी जिंदगी के अहम 37 वर्ष आर्मी के नाम किये है. अब उनके उपर और भी अनेक जिम्मेदारियां है और अब वह देश के सुरक्षा मंत्री के मुख्य सलाहकारों में से एक हैं. बिपिन रावत जी हमेशा कहते हैं की उन्होंने अकेले कुछ नहीं किया है वह जो भी उनकी टीम की वजह से है. उन्होंने गोरखा बटालियन से शुरुआत की थी उसके बाद उन्होंने आर्मी में अनेक पदों पर कार्यभार संभाला. उसके बाद वे आर्मी चीफ बने, उसके बाद वे भारत के पहले CDS अधिकारी भी नियुक्त हुए हैं.

बिपिन रावत पर समाचार

दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में Mi-17V5 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत हो गई।हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं।भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।श्री सिंह ने कहा, “गंभीर दुख और भारी मन के साथ, मैं भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल बिपिन रावत के साथ 8 दिसंबर 2021 की दोपहर में सैन्य हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुर्भाग्यपूर्ण खबर देने के लिए खड़ा हूं।”उनके पार्थिव शरीर गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लाए जाएंगे। जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका का अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा।पूरे सैन्य सम्मान के साथ जनरल का अंतिम संस्कार किया जाएगा।अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि जनरल रावत वाशिंगटन के लिए एक “मूल्यवान भागीदार” थे।श्री ऑस्टिन ने एक बयान में कहा, “जनरल रावत ने अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी के दौरान एक अमिट छाप छोड़ी और भारतीय सशस्त्र बलों के अधिक संयुक्त रूप से एकीकृत युद्ध लड़ने वाले संगठन में परिवर्तन के केंद्र में थे।”

FAQ जनरल बिपिन रावत

प्रश्न: जनरल बिपिन रावत की 1979 में पहली पोस्टिंग कहां हुई थी ?

उत्तर : जनवरी 1979 में सेना में मिजोरम में प्रथम नियुक्ति पाई। नेफा इलाके में तैनाती के दौरान उन्होंने बटालियन की अगुवाई की। कांगो में संयुक्त राष्ट्र की पीसकीपिंग फोर्स की भी अगुवाई की।

प्रश्न: क्या जनरल बिपिन रावत अभी भी जीवित हैं?

उत्तर: नहीं, जनरल बिपिन रावत की मृत्यु हो गई है।

प्रश्नः बिपिन रावत के साथ किसकी मृत्यु हुई?

उत्तर: जनरल बिपिन रावत के साथ 11 लोगों की मौत हुई।

प्रश्न: भारत के पहले सीडीएस कौन थे?

उत्तर: जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस हैं।

प्रश्न: भारत का अगला सीडीएस कौन होगा?

उत्तर: अभी तक तय नहीं हुआ है।

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