Agriculture Business Subsidy 2022 : 20 लाख रु का Loan 44 फीसदी तक सब्सिडी पर मिल रहा

योजना का संचालन वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक पांच सालो के लिए किया जाएगा. इस दौरान दो लाख माइक्रो प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा. देश के सभी राज्यों और जिलों में इस योजना को लागू किया किया गया है.

Agriculture Business Subsidy 2022 ( एग्रीकल्चर बिजनेस सब्सिडी ) को बढ़ावा देने का प्रयास अगर आप कृषि से जुड़ा कारोबार शुरू करना चाहते हैं या इससे जुड़ा करोबार कर रहे हैं और इसे बढ़ाना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके काम की है। इस स्कीम के तहत सरकार आपको 20 लाख रुपये तक का लोन देगी। लोगों को यह पैसा एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर स्कीम के माध्यम से दिया जाएगा। इस योजना से जुड़ने वालों को 45 दिनों का ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके बाद अगर आप योग्य पाए गए तो नाबार्ड के माध्यम से आपको यह लोन दिलाया जाएगा।

पीएम मित्र योजना 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर स्कीम का उद्देश्य

मोदी सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करना चाहती है। ऐसे में अगर कृषि आधारित कारोबार तेजी से बढ़ेगा तो कृषि उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी। जैसे ही कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, तो इनका रेट भी बढ़ने लगेगा। अगर कृषि उत्पादों का रेट बढ़ता है तो सीधा फायदा किसानों को ही होगा। इसके अलावा ढेर सारे युवा एग्रीकल्चर से संबंधित एग्रीकल्चर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या डिप्लोमा कोर्स किए हुए हैं। इनके पास हुनर है, लेकिन कारोबार का मौका नहीं है। ऐसे में यह स्कीम कारोबार शुरू करने में मदद करेगी। ये युवा कारोबार में महारथी नहीं हैं, यह बात सरकार भी जानती है। इसी लिए उसने इस लोन पटाने की अविध को 15 वर्ष निर्धारित किया है

नाबार्ड योजना 2022 डेयरी फार्मिंग योजना ऑनलाइन आवेदन फॉर्म

योजना सम्बन्धित महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आपको बता दें कि आवेदन के लिए आपको
  • आधार कार्ड नंबर
  • ईमेल आईडी
  • अंतिम शैक्षणिक योग्यता
  • बैंक खाते की जानकारी
  • और फोटो जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी.  

लाभ लेने के लिए पात्रता

योजना का लाभ किसे मिल सकता है? 

यह योजना निम्नवत अभ्यर्थियों के लिए है: 

  • आईसीएआर/यूजीसी से मान्यता राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (एसएयू) / केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों से कृषि और संबंधित विषयों में स्नातक. कृषि और संबंधित विषयों में स्नातक की शिक्षा देने वाले अन्य एजेंसियों को राज्य सरकार के संस्तुति पर कृषि और सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अनुमोदन के अधीन.
  • राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य कृषि और संबंधित विभागों तथा राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग से कृषि और संबंधित विषयों में डिप्लोमा (न्यूनतम 50% अंक) / स्नातकोत्तर डिप्लोमा धारक.
  • राज्य सरकार की संस्तुति पर कृषि और सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अनुमोदन के अधीन अन्य एजेंसियों से कृषि और संबंधित विषयों में स्नातक.
  • जैविक विज्ञान स्नातक के साथ कृषि और संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर.
  • यूजीसी से मान्यता प्राप्त ऐसे स्नातक पाठ्यक्रम जिसमें 60% से अधिक पाठ्यक्रम कृषि और संबंधित विषयों से संबद्ध हो.
  • मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से जैविक विज्ञान के साथ विज्ञान में स्नातक के पश्चात डिप्लोमा / स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम जिसमें 60% से अधिक पाठ्यक्रम कृषि और संबंधित विषयों से संबद्ध हो.
  • न्यूनतम 55% अंकों के साथ कृषि संबंधित पाठ्यक्रमों में उच्चतर माध्यमिक (अर्थात बारहवीं कक्षा)

Read about >>rbi retail direct scheme Hindi

ये है आवदेन का तरीका

एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर स्कीम का फायदा लेने के लिए आपको ट्रेनिंग के लिए अपने नजदीक का कॉलेज चुनना होगा। इन ट्रेनिंग सेंटरों को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के एक संगठन, राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद से जोड़ा गया है। यह संस्थान कृषि मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। इस संस्थान से जैसे ही आपकी ट्रेनिंग पूरी होती है, कृषि से संबंधित व्यवसाय शुरू करने के लिए नाबार्ड से लोन दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

एसीएबीसी योजना के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन (Apply online for ACABC Scheme) करना होगा। इसके लिए आपको https://www.acabcmis.gov.in/Institute.aspx पर जाना होगा। यहां आप उस केंद्र को चुनें जिसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण लेना चाहते हैं.

जानिए कैसे मिलती है सब्सिडी

कृषि आधारित कारोबार शुरू करने के लिए ट्रेनिंग पूरी करने वाले लोगों को 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। अगर कोई 5 व्यक्तियों का समूह बना ले तो उसे 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। जहां तक सब्सिडी की बात है तो सामान्य श्रेणी के आवेदकों को 36 प्रतिशत सब्सिडी और अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला आवेदकों को इस कर्ज पर 44 फीसदी तक की सब्सिडी मिलती है।

हेल्पलाइन नम्बर

योजना के बारे में ज्यादाजानकारी के लिए इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है। टोल फ्री नंबर- 1800-425-1556 -9951851556

ग्रामीण और कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

सहयोग करें

आप निम्नलिखित लिंक्स के माध्यम से हमें समर्थन दे सकते हैं:


  • Paytm: 9650438558
  • UPI: 9650438558@paytm

Leave a Comment