नगर वन योजना

नगर वन योजना क्या है?

इस वर्ष पाँच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज वन विभाग, नगर निकायों, गैर सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट्स और स्‍थानीय नागरिकों के बीच भागीदारी और सहयोग पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए अगले पांच वर्षों में देश भर में 200 शहरी वन विकसित करने के लिए नगर वन योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की।

  • नगर वन योजना शहरों में जंगल लगाने पर बल देती है.
  • इस योजना के अंतर्गत अगले पाँच वर्षों तक पूरे देश में 200 के लगभग शहरी जंगल विकसित किये जायेंगे.
  • इस योजना से राज्यों को शहरी पारिस्थितिकी का प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा

नगर वन योजना का उद्देश्य:-

  • देश के विभिन्न हिस्सों में City Forest बनाने के लिए प्रत्येक शहर में एक नगर वन को नगरपालिका परिषद के साथ विकसित किया जाएगा |
  • ताकि पौधों और जैव विविधता पर जागरूकता पैदा हो सके |
  • क्षेत्र की वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण पर शिक्षा जिसमें खतरों की धारणा भी शामिल है |
  • शहरों का पारिस्थितिक कायाकल्प | वन हरे फेफड़े हैं जो प्रदूषण शमन, स्वच्छ हवा, शोर में कमी, जल संचयन और गर्मी द्वीपों के प्रभाव से शहरों के पर्यावरण की रक्षा करते हैं |
  • In-situ Biodiversity conservation
  • सभी शहरी नागरिकों को स्वास्थ्य लाभ |
  • शहरों की जलवायु को लचीला बनाना |

नगर वन योजना के घटक:-

  • उचित बाड़ लगाना |
  • स्थानीय रूप से उपयुक्त प्रजातियों पर जोर देने के साथ लकड़ी वाले ब्लॉक |
  • पुष्प जैवविविधता का प्रतिनिधित्व करने के लिए झाड़ियों, पर्वतारोहियों, औषधीय पौधों, मौसमी फूलों के पौधों आदि को शामिल करना |
  • सिंचाई / वर्षा जल संचयन की सुविधा |
  • Open Air Conservation education displays, signages, brochures आदि
  • सार्वजनिक सुविधा, पेयजल की सुविधा, benches आदि
  • Walkways/ footpath, Jogging और साइकिल ट्रैक |

नगर वन योजना के लाभ:-

यह नगर वन योजना पहले पायलट आधार पर नगर वन उद्यान योजना के नाम से लागू की गई थी | वन मंत्रालय ने शहर के अंदर 25 वन को अतिक्रमणों से बचाया है और 6,500 स्वदेशी पेड़ लगाकर वनस्पति में सुधार किया है और पैदल मार्ग बनाए हैं | इसके अलावा, लोगों ने अपने प्रिय की याद में पेड़ लगाए और आज वही लोग जंगल की रक्षा कर रहे हैं | इस शहरी जंगल में रोजाना 1,000 लोग आते हैं |

  • भारत पशुओं और पौधों की कई प्रजातियों से समृद्ध जैव विविधता से संपन्न क्षेत्र है जहाँ विश्व में मौज़ूद जैव-विविधता के 35 वैश्विक हॉटस्पॉट्स में से 4 भारत में विद्यमान है।
  • समय के साथ बढ़ती जनसंख्या, वनों की कटाई, शहरीकरण और औद्योगीकरण ने प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव डाल दिया है, जिससे जैव विविधता की निरंतर हानि हो रही है।
  • इन सबके साथ बढ़ते शहरीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों में भी जैव विविधता को सुरक्षित रखने और बचाने की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है।
  • नगर वन योजना इस अंतर को खत्म करने का एक बेहतर तरीका है। इसलिये  मंत्रालय द्वारा भी शहरी क्षेत्रों में जैव विविधता के प्रोत्‍साहन और संरक्षण के लिये ‘नगर वन’ को विश्व पर्यावरण-2020 की थीम के रूप में अपनाया गया है।
  • यह योजना कार्बन सिंक (Carbon Sink) की अतिरिक्त मात्रा का संचयन करने में मददगार साबित होगी।
  • पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2019 में कहा गया है कि भारत के कुल वन आवरण में 2015 और 2019 के बीच 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • इन सब के अलावा यह योजना शहरों में ग्रामीण वन की पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने में मददगार साबित होगी।

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